हम स्वयं के शील को आकार दे

Rashtra Sevika Samiti    04-Dec-2025
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🔹 हम स्वयं के शील को आकार दे 🔹
बुद्धि मन निज चित्त को संस्कार दे ||धृ||
आत्मविस्मृत रूप को हम जान ले को अहं इस सत्य को पहचान ले ह्रदय के शिव तत्व से हुंकार दे ||1||
इस धरा पर जन्म मेरा भाग्य से
कर्म हो निष्काम गीता ज्ञान से
ध्येय पुरीत लक्ष्य का संधान ले ||2||
स्वस्थ हो तन मन ये मेरा ध्यान दे योगमय जीवन निरामय जानले
सिद्ध होकर साधना को साधले ||3||
धर्म की हो धारणा नितकर्म मे
अर्थ की हो कामना परमार्थ मे
राष्ट्र को वैभव शिखर का मान दे ||4||
चरित की उस दिव्यता का भाव हो पर कही भी दर्प का ना स्थान हो
ब्रह्म के उस तेज को पहचान ले ||5||
पद्मिनी सीता सती का तेज हो
द्रौपदी सा कृष्ण पर विश्वास हो
शंख ध्वनी से सिहसम हुंकार दे ||6||