हम विजय की ओर बढते जा रहे

04 Dec 2025 17:05:54
 
🔹 हम विजय की ओर बढते जा रहे 🔹
संगठन का भाव भरते जा रहे ||धृ||
यह सनातन राष्ट्र मंदिर है यहा
वेद की पावन ऋचाये गुंजती
प्रकृती का वरदान पाकर शक्तियां देव निर्मित इस धरा को पूजती
हम स्वयं देवत्व गढते जा रहे ||1||
राष्ट्र की जो चेतना सोई पडी
हम उसे फिरसे जगाने आ गये
परम पौरुष की पताका हाथ ले
क्रांती के नवगीत गाने आ गये
विघ्न बाधा शैल चढते जा रहे ||2||
हम युवाओं का करे आहवान फिर शक्ति का नव द्वार पैदा हो सके
राष्ट्र रक्षा का महा अभियान ले
संगठन भी तीव्र गामी हो सके
लक्ष्य का संधान करते जा रहे ||3||
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